IMD का ताजा अपडेट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 और 2 अगस्त से तराई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जबकि 4 से 10 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
तराई से शुरू होगा बारिश का नया दौर
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी ट्रफ के उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय होने से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होंगी। सबसे पहले लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर और आसपास के तराई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मानसून का प्रभाव मध्य, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक फैल जाएगा।
इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा
मौसम विभाग ने कई जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे खुले स्थानों पर मौजूद लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में आएगी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में तापमान में कमी आने की संभावना है। शुक्रवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के 45 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका
भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नालों और नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ऐसे में प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है।
IMD की सलाह
- बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें।
- पेड़ों, बिजली के खंभों और ऊंची धातु की वस्तुओं के नीचे खड़े न हों।
- किसान खेतों में कार्य करने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान अवश्य देखें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।







