एक्सप्रेसवे, किसानों और वकीलों के लिए बड़े ऐलान संभव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट 4 अगस्त को विधानसभा और विधान परिषद में पेश करेगी। सरकार इस बजट के माध्यम से विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ चुनावी वर्ष से पहले जनकल्याणकारी योजनाओं को भी मजबूती देने की तैयारी में है। वित्त विभाग बजट के अंतिम मसौदे को तैयार करने में जुटा है और विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर लगातार मंथन चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस अनुपूरक बजट में नई लिंक एक्सप्रेसवे और प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण, निर्माण कार्य और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाकर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाना है।
इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मिल सकती है रफ्तार
बजट में जिन परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, उनमें शामिल हैं—
- आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे
- मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे
- विंध्य एक्सप्रेसवे
- विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
इनमें से कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में है, जबकि कुछ के लिए जिला प्रशासन को भूमि सत्यापन के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।
स्टेट हाईवे और हरित विकास पर भी फोकस
सरकार राज्य मार्गों (स्टेट हाईवे) के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान कर सकती है। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे सहित अन्य एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े स्तर पर पौधारोपण और हरित पट्टी विकसित करने के लिए भी बजट में विशेष व्यवस्था होने की उम्मीद है।
वकीलों और किसानों को मिल सकती है राहत
अनुपूरक बजट में अधिवक्ताओं के लिए कैशलेस इलाज योजना को लागू करने हेतु धनराशि आवंटित किए जाने की संभावना है। वहीं मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत छात्रवृत्ति राशि में 2,000 रुपये तक की वृद्धि के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया जा सकता है।
वित्त विभाग कर रहा अंतिम तैयारी
अपर मुख्य सचिव (वित्त) दीपक कुमार विभागीय अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों में बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दे रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद ही बजट का अंतिम आकार तय किया जाएगा।
चुनावी वर्ष से पहले अहम बजट
अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह अनुपूरक बजट राजनीतिक और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार जिन योजनाओं के लिए धनराशि जारी करेगी, उन्हें दिसंबर 2026 से पहले धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले कितना था बजट?
- वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट: लगभग 9.12 लाख करोड़ रुपये
- वित्तीय वर्ष 2025-26 का मूल बजट: 8.08 लाख करोड़ रुपये
- 2025-26 का अनुपूरक बजट: 24,496 करोड़ रुपये






