अधिकांश जिलों में बढ़ेगी उमस; तराई में बारिश के आसार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ने जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई से 3 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। इस दौरान बारिश मुख्य रूप से पश्चिमी तराई और कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित रहने का अनुमान है, जबकि अधिकांश क्षेत्रों में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अगले दो दिनों तक 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पूर्वी हवाएं (पुरवाई) चल सकती हैं। हालांकि, फिलहाल प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, सहारनपुर, बिजनौर समेत पश्चिमी तराई के जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। वहीं मध्य प्रदेश से सटे दक्षिणी जिलों और कुछ अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम तथा छिटपुट वर्षा होने की संभावना है।
अवध और पूर्वांचल में बढ़ेगी उमस
बारिश की कमी के कारण अवध, पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते लोगों को उमस और गर्मी का अधिक सामना करना पड़ सकता है।
3-4 अगस्त से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 से 4 अगस्त के आसपास मानसून ट्रफ के फिर उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
बुधवार को कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
बुधवार को प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा इन जिलों में दर्ज की गई—
- कानपुर – 81 मिमी
- मेरठ – 80.8 मिमी
- बिजनौर – 72 मिमी
- मुजफ्फरनगर – 68.3 मिमी
लखनऊ का मौसम
राजधानी लखनऊ में 3 अगस्त तक अच्छी बारिश की संभावना कम है। इस दौरान उमस और गर्मी बनी रह सकती है। बुधवार को अधिकतम तापमान 34.7°C और न्यूनतम तापमान 28.1°C दर्ज किया गया।







