लखनऊ में बनेगा देश का पहला मिलिट्री मेडिसिन विभाग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मध्य कमान के कमांड अस्पताल में देश का पहला मिलिट्री मेडिसिन विभाग शुरू किया गया है। इस विभाग का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल माध्यम से किया। यह विभाग रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) खतरों पर अध्ययन, अनुसंधान और उन्नत चिकित्सा तैयारियों का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ रासायनिक, जैविक, विकिरण और परमाणु (CBRN) खतरों का जोखिम भी बढ़ा है। ऐसे में यह विभाग इन चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण और चिकित्सा विशेषज्ञता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
किन क्षेत्रों में होगा शोध?
नए विभाग में निम्न प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष कार्य किया जाएगा—
- ऑपरेशनल एवं मिलिट्री मेडिसिन
- कॉम्बैट मेडिसिन और कॉम्बैट सर्जरी
- ट्रॉमा केयर
- बड़े पैमाने पर हताहतों (Mass Casualty) का प्रबंधन
- रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल एवं परमाणु (CBRN) चिकित्सा प्रतिक्रिया
- युद्ध मनोचिकित्सा (Combat Psychiatry)
रक्षा मंत्री ने इस संस्थान को भविष्य में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बैटलफील्ड मेडिसिन रिसर्च सेंटर बनाने का लक्ष्य भी रखा।
सैनिकों को मिलेगी उन्नत चिकित्सा सहायता
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह के अनुसार, यह विभाग सेना चिकित्सा सेवा महानिदेशालय (DGAFMS) के तत्वावधान में स्थापित किया गया है। यहां सैनिकों के लिए उन्नत चिकित्सा सहायता, युद्धक्षेत्र में त्वरित उपचार, दूरस्थ चिकित्सा (Telemedicine) और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
AI से होगी सैनिकों के स्वास्थ्य की निगरानी
राजनाथ सिंह ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीकों की मदद से सैनिकों के स्वास्थ्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। इससे कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए बेहतर चिकित्सा प्रोटोकॉल विकसित किए जा सकेंगे।
रक्षा बल विजन-2047 से जुड़ा कदम
हाल ही में जारी रक्षा बल विजन-2047 में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (CBRN) खतरों को भविष्य की बड़ी सुरक्षा चुनौती बताया गया था। उसी दिशा में यह विभाग एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसका उद्देश्य आधुनिक सुरक्षा प्रणाली विकसित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं समन्वित चिकित्सा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
शुभारंभ कार्यक्रम में जनरल धीरज सेठ, राजेश कुमार सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता तथा वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।







