गोरे बच्चे की चाहत में नेपाली युवतियों को कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा बनाया जा रहा है, जहां उन्हें बिना शादी के बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे काम में दलाल युवतियों से संपर्क करते हैं और उन्हें पैसे का लालच देकर गर्भधारण के लिए राजी करते हैं। इसके बाद इन्हें दलालों के जरिए भारत लाए जाने का दावा किया गया है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बच्चे की चाह रखने वाले दंपती से इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक करोड़ रुपये तक की रकम ली जाती है। हालांकि, इसमें से युवती को केवल एक हिस्सा ही मिलने की बात कही गई है, जबकि बाकी रकम कथित तौर पर बिचौलियों के पास जाती है। इस तरह का नेटवर्क महिलाओं की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाने और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बताया गया है कि इन युवतियों को करीब एक से डेढ़ साल तक भारत में रखा जाता है। इस दौरान गर्भधारण कराया जाता है और बच्चे के जन्म के बाद उन्हें वापस नेपाल भेज दिया जाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ मामलों में ऐसे दंपती इस रास्ते का सहारा लेते हैं, जिनमें महिला गर्भधारण करने में सक्षम नहीं होती और वे IVF जैसे चिकित्सकीय विकल्पों के बजाय इस व्यवस्था को चुनते हैं।
हालांकि, इस तरह के मामलों से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मामलों में कानूनी स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। यदि किसी महिला को धोखे, दबाव या लालच के जरिए इस प्रक्रिया में शामिल किया जाता है, तो मामला मानव तस्करी और महिला अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित एजेंसियों की जांच से ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका सामने आ सकती है।





















