तेल अवीव।पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी शांति प्रक्रिया एक बार फिर दबाव में दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को अपने परमाणु कार्यक्रम का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देता, तो अमेरिका तेहरान के साथ चल रही तकनीकी वार्ताओं से जुड़ी सभी बैठकें रद्द कर सकता है।
पेंसिल्वेनिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने निजी स्तर पर निरीक्षण को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, “हमें निरीक्षण को लेकर पूरा भरोसा दिया गया है। यदि ऐसा नहीं होता, तो मैं इसी समय वार्ता रोकने का फैसला कर देता।”
हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक IAEA निरीक्षण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद ट्रंप ने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और ईरान पहले की तुलना में काफी कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उसकी रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई है।
इस बीच, ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनके अनुसार, हालिया वार्ताओं के बाद क्षेत्र से तेल परिवहन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जो दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने का संकेत है।
हालांकि, निरीक्षण के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बढ़ता मतभेद यह संकेत दे रहा है कि शांति प्रक्रिया अभी भी नाजुक दौर में है और आने वाले दिनों में वार्ता की दिशा काफी हद तक ईरान के अगले कदम पर निर्भर करेगी।








