Ram Mandir CEO Interview: राम मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया अब अहम दौर में पहुंच गई है। इस पद के लिए मिले हजारों आवेदनों में से 18 लोगों को चयन के अगले चरण के लिए चुना गया है। मंगलवार से इन उम्मीदवारों के इंटरव्यू शुरू हुए, जिसमें उनकी प्रशासनिक योग्यता और नेतृत्व क्षमता के साथ-साथ धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत जीवनशैली से जुड़े सवाल भी शामिल रहे।
इंटरव्यू से पहले भरवाया गया 34 सवालों वाला फॉर्म
उम्मीदवारों से आमने-सामने बातचीत से पहले 34 प्रश्नों वाला एक ऑनलाइन फॉर्म भी भरवाया गया था। इसमें कुछ सवाल सीधे उनकी धार्मिक दिनचर्या और व्यक्तिगत आदतों से संबंधित थे। उम्मीदवारों से पूछा गया कि क्या वे शिखा यानी चोटी रखते हैं, जनेऊ धारण करते हैं और पूरी तरह शाकाहारी हैं या मांसाहारी भोजन करते हैं। शराब के सेवन से संबंधित सवाल भी फॉर्म में शामिल था। इसके अलावा उनकी धार्मिक पहचान, भगवान राम में आस्था और हिंदू परंपराओं के अनुरूप पहनावे को लेकर सहजता के बारे में भी जानकारी मांगी गई।
केवल धार्मिक सवाल नहीं, प्रशासनिक अनुभव भी परखा
CEO पद के लिए केवल धार्मिक पृष्ठभूमि को आधार नहीं बनाया जा रहा है। उम्मीदवारों की पेशेवर क्षमता और नेतृत्व कौशल भी चयन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। इंटरव्यू के दौरान उनसे उनके पिछले कार्यों और जिम्मेदारियों के बारे में पूछा गया। बड़े संस्थानों या कार्यक्रमों के प्रबंधन का अनुभव, टीम का नेतृत्व करने की क्षमता और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ को संभालने से जुड़े सवाल भी किए गए। राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और विशेष पर्वों पर भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर प्रशासन के लिए भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और किसी आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भगवान राम में आस्था और मंदिर व्यवस्था पर भी सवाल
उम्मीदवारों से भगवान राम के प्रति उनकी आस्था, धार्मिक और सामाजिक संगठनों से उनके संबंध तथा मंदिर की मौजूदा व्यवस्था को और बेहतर बनाने की उनकी सोच के बारे में भी बातचीत की गई। इसके अलावा उनके पारिवारिक बैकग्राउंड और अब तक के कार्य अनुभव से जुड़े सवाल भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा रहे। जानकारी के मुताबिक, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की पहले ऑनलाइन स्क्रीनिंग की गई थी। इसके बाद आमने-सामने इंटरव्यू के लिए उन्हें बुलाया गया।
पहले दिन 8 उम्मीदवारों का हुआ इंटरव्यू
18 शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों में से पहले दिन आठ लोगों का इंटरव्यू लिया गया। पहले इस पूरी प्रक्रिया को दो दिनों में पूरा करने की योजना बताई गई थी, लेकिन अब इंटरव्यू की अवधि बढ़ने की संभावना है। ट्रस्ट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, CEO पद के लिए करीब 5,200 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने 18 उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना है। बाकी उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी आगे लिए जाएंगे।
सुबह 10 बजे शुरू हुई प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए सभी शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार सोमवार देर रात अयोध्या पहुंच गए थे। उनके ठहरने की व्यवस्था ट्रस्ट की ओर से की गई थी। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे उम्मीदवार राम मंदिर परिसर पहुंचे। इसके बाद अयोध्या स्थित राम मंदिर के तीर्थयात्री सुविधा केंद्र के सम्मेलन कक्ष में चयन प्रक्रिया शुरू हुई। इंटरव्यू का पहला चरण सुबह करीब 10 बजे शुरू किया गया।
चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद CEO नियुक्ति का फैसला
मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने मंदिर के कामकाज के लिए पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का निर्णय लिया था। इस पद पर नियुक्त अधिकारी के पास मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कामकाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। नए CEO को वित्तीय और कानूनी मामलों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, सरकारी एजेंसियों से तालमेल और बड़े धार्मिक आयोजनों के प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।
तीन नामों का पैनल तैयार करेगी चयन समिति
CEO के चयन के लिए गठित समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े शामिल हैं। समिति को 18 उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार करके 2 सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपना है। इसके बाद अंतिम नियुक्ति का फैसला ट्रस्ट करेगा। ऐसे में इस चयन प्रक्रिया में उम्मीदवार की धार्मिक संवेदनशीलता के साथ उसकी प्रशासनिक समझ, नेतृत्व क्षमता और बड़े स्तर पर व्यवस्थाओं को संभालने की योग्यता को भी अहम माना जा रहा है।






















