अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती बुधवार को अपना 34वां जन्मदिन मना रही हैं। यह जन्मदिन उनके लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वह करीब सात साल बाद एक बार फिर अभिनय की दुनिया में वापसी की तैयारी कर रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में उनका नाम फिल्मों से ज्यादा विवादों, कानूनी जांच और सोशल मीडिया ट्रोलिंग को लेकर सुर्खियों में रहा।
1 जुलाई 1992 को बेंगलुरु में जन्मीं रिया एक आर्मी परिवार से आती हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल इंद्रजीत चक्रवर्ती भारतीय सेना में अधिकारी रहे हैं। रिया ने 2009 में एमटीवी के रियलिटी शो MTV Teen Diva से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह एमटीवी में वीडियो जॉकी (VJ) बनीं और युवाओं के बीच लोकप्रिय हुईं।
बॉलीवुड में आने से पहले उन्होंने बैंड बाजा बारात के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने तेलुगु फिल्म तुनीगा तुनीगा से अभिनय की शुरुआत की। हिंदी सिनेमा में उन्होंने 2013 में मेरे डैड की मारुति से डेब्यू किया। इसके बाद सोनाली केबल, बैंक चोर, जलेबी और चेहरे जैसी फिल्मों में नजर आईं, लेकिन उन्हें बड़ी व्यावसायिक सफलता नहीं मिल सकी।
साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिया का नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। उन पर आर्थिक अनियमितताओं और ड्रग्स से जुड़े मामलों में आरोप लगे। इस दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया और उन्होंने लगभग 27 दिन जेल में बिताए। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। रिया ने हमेशा अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया पर उन्हें भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने कई इंटरव्यू में स्वीकार किया कि उस दौर ने उनकी मानसिक स्थिति और परिवार दोनों को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें लगा था कि शायद अब उन्हें फिल्मों में दोबारा काम नहीं मिलेगा।
करीब पांच साल चली जांच के बाद मार्च 2025 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें उनके खिलाफ अभियोजन योग्य साक्ष्य नहीं मिलने की बात कही गई और मामले में मौत को आत्महत्या बताया गया।
कानूनी विवादों के बाद रिया ने खुद को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिश की। उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया और नए प्रोजेक्ट्स पर काम किया। अब वह लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर अभिनय की दुनिया में वापसी की तैयारी कर रही हैं। उनके लिए यह सिर्फ फिल्मों में लौटना नहीं, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।


















