शारदीय नवरात्र आज से शुरू हो रहे हैं। हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। घरों और मंदिरों में तैयारियां की जाती हैं, वहीं भक्त माता रानी की भक्ति में लीन होकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र का पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। मान्यता है कि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर देवताओं को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इसी विजय की स्मृति में नौ दिनों तक शक्ति की उपासना की जाती है। इन दिनों मंदिरों में पूजा-पाठ, दुर्गा सप्तशती का पाठ और भजन-कीर्तन का विशेष महत्व रहता है।
नवरात्र के पहले दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है। श्रद्धालु घरों में अखंड ज्योति जलाकर मां शैलपुत्री की आराधना करते हैं। कई भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। अष्टमी और नवमी के अवसर पर कन्या पूजन की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसमें छोटी बच्चियों को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।
नवरात्र के दौरान देशभर में भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिलता है। गुजरात में गरबा और डांडिया की धूम रहती है, जबकि पश्चिम बंगाल में भव्य दुर्गा पूजा पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनते हैं। नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जाता है, जो भगवान श्रीराम की रावण पर विजय का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को सच्चाई, साहस और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।





















