देश-विदेश से जुटेंगे 10 हजार से अधिक श्रद्धालु
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के कारसेवकपुरम में अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में तीन दिवसीय परमेश्वरी गुरु शक्ति गुरु पूर्णिमा महोत्सव-2026 का शुभारंभ हो गया है। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ नेपाल और भूटान से भी गुरु भाई एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। आयोजकों के अनुसार इस बार 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष फौजदार सिंह ने बताया कि सिद्धाश्रम परंपरा के संस्थापक परम पूज्य डॉ. नारायण शर्मा तंत्र-मंत्र एवं आध्यात्मिक साधना के सिद्ध संत थे, जिनके शिष्य भारत ही नहीं बल्कि नेपाल और भूटान सहित कई देशों में हैं। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र एवं वर्तमान पीठाधीश्वर डॉ. नंदकिशोर शर्मा गुरु परंपरा का संचालन कर रहे हैं। वे देशभर में भ्रमण कर अपने शिष्यों को आध्यात्मिक जीवन, साधना और सेवा का संदेश देते हैं।
फौजदार सिंह ने बताया कि अयोध्या में इससे पहले 2017, 2019 और 2023 में गुरु पूर्णिमा महोत्सव का सफल आयोजन हो चुका है। वहीं कामाख्या और चित्रकूट सहित देश के विभिन्न स्थानों पर भी समय-समय पर ऐसे आध्यात्मिक शिविर आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी तीन दिवसीय महोत्सव में गुरु पूजन, आध्यात्मिक प्रवचन, शिष्यों को जीवनोपयोगी मार्गदर्शन, दीक्षा, चरण वंदन तथा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में लगभग 5 हजार श्रद्धालु शामिल हुए थे, लेकिन श्रीराम मंदिर के लोकार्पण के बाद इस बार श्रद्धालुओं की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है और होटल व धर्मशालाएं श्रद्धालुओं से भरने लगी हैं।
फौजदार सिंह ने बताया कि महोत्सव में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। आयोजन का पूरा संचालन देशभर के गुरु भाइयों एवं श्रद्धालुओं के सहयोग से किया जा रहा है। परिसर में सहयोग काउंटर भी बनाया गया है, जहां श्रद्धालु अपनी श्रद्धानुसार सहयोग राशि देकर आयोजन में सहभागिता निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के सफल संचालन एवं संयोजन में दिवाकर सिंह, राममिलन सिंह, डॉ. दिनेश मिश्रा और रामाशंकर यादव सहित अनेक पदाधिकारी अहम भूमिका निभा रहे हैं। सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे तीन दिवसीय महोत्सव की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं।
फौजदार सिंह ने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परंपरा, आध्यात्मिक चेतना, सेवा और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में हजारों श्रद्धालु गुरुजी के सान्निध्य में आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे।







