रेती में खेती करने वाले किसानों की बढ़ी चिंता
उन्नाव के परियर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कटरी क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर अब तक पांच फीट से अधिक बढ़ चुका है और चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में रेती में उगाई गई सब्जियों की फसल के डूबने की आशंका किसानों को सताने लगी है।
रेती की खेती पर मंडराया संकट
सदर तहसील क्षेत्र के मानाबंगला, बाबूबंगला, लालतुपुरवा, पनपथा समेत कई गांवों के किसान गंगा की रेती में लौकी, तरोई सहित अन्य हरी सब्जियों की खेती करते हैं। इन फसलों से ही बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका जुड़ी हुई है।
किसानों का कहना है कि फिलहाल पानी फसलों तक नहीं पहुंचा है, लेकिन गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो मेहनत से तैयार की गई फसलें पानी में डूब सकती हैं।
किसानों ने जताई चिंता
किसान विनोद सविता, संतू और गुड्डू निषाद ने बताया कि गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। अभी लौकी और तरोई की फसल सुरक्षित है, लेकिन यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो फसलें जलमग्न हो सकती हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासन अलर्ट, राहत तैयारियां पूरी
नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
वहीं पंचायत सचिव विनय त्रिपाठी ने बताया कि राहत शिविरों और बाढ़ चौकियों पर साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक तैयारियां शुरू करा दी गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य संचालित किए जा सकें।







