रिपोर्टर -:अभिनव यादव
उन्नाव। जिले की 37 ग्राम पंचायतों के सचिवों (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) ने नियम विरुद्ध मिनी सचिवालय के बाहर से 1.08 करोड़ रुपये का भुगतान करा दिया। विभागीय पोर्टल की जांच में इसकी जानकारी हुई तो मुख्यालय के अधिकारियों ने सचिवों पर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। इस पर डीपीआरओ ने सचिवों को नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा है।
ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) का निर्माण कराया गया है। जनपद में कुल 1037 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत भवनों की साज-सज्जा और कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर आदि की व्यवस्था कराकर उसमें एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई है। शासन का स्पष्ट आदेश है कि ग्राम पंचायतों के जो भी खाते हैं वह पंचायत भवन में स्थापित कंप्यूटर के माध्यम से ही संचालित किया जाए। विकास कार्यों से संबंधित जो भी भुगतान हैं वह इसी कंप्यूटर के माध्यम से ही ऑनलाइन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से किया जाए।
हालांकि छह विकासखंडों की 37 ग्राम पंचायतों में एक से 31 मई के बीच 10,80,9081 रुपये का भुगतान पंचायत भवन के कंप्यूटर से न कराकर बाहर कैफे या घर से किया गया। ऑनलाइन जांच में पंचायतीराज मुख्यालय ने यह मामला पकड़ा और ग्राम पंचायतों की सूची जारी करके कार्रवाई के निर्देश दिए
10 प्रमुख पंचायतें जहां हुआ ज्यादा भुगतान
-हिलौली की गुलरिहा-20.18 लाख
-हिलौली की देवमई-6.57 लाख
-हिलौली की बक्सपुर-6.43 लाख
-हिलौली की बरवाकला-5.90 लाख
-हिलौली की चक सराय-5.82 लाख
-हसनगंज की बरौना न्यामतपुर-5.25 लाख
-हिलौली की लोहरामऊ-4.05 लाख
-सफीपुर की उमर-4.05 लाख
-हिलौली की संदाना-3.92 लाख
-सफीपुर की सफीपुर रूरल-3.27 लाख
फरवरी और अप्रैल में भी पकड़ा था मामला, सचिवों को दी थी प्रतिकूल प्रविष्टि
पंचायत भवनों के बाहर से भुगतान कराना नया नहीं है। फरवरी व अप्रैल में भी मामला पकड़ा जा चुका है। फरवरी में 63 पंचायतों में 1.5 करोड़ और अप्रैल में 13 पंचायतों में 17.42 लाख का भुगतान मिलने पर क्रमश: 40 व 26 सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी। इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ।
वर्जन….
37 ग्राम पंचायतों में बाहर से भुगतान कराने का मामला सामने आया है। वहां के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-श्रीकांत यादव, डीपीआरओ।







