रिसाइकल बिन भी किया साफ; फोरेंसिक जांच में जुटी पुलिस
पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि मामले की मुख्य आरोपी Siya Goyal और उसके कथित प्रेमी Chetan Chaudhary ने वारदात से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से आपसी बातचीत की पूरी चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। इतना ही नहीं, दोनों ने फोन के रिसाइकल बिन से भी डेटा हटाने का प्रयास किया, ताकि कोई डिजिटल साक्ष्य न बच सके।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं, जहां डिलीट किए गए चैट लॉग, संदेश और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को पुनर्प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
छह माह में 2,004 कॉल और 238 घंटे बातचीत
पुलिस जांच में सामने आया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी घटना से लगभग छह महीने पहले से लगातार संपर्क में थे। इस अवधि में दोनों के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुईं और लगभग 238 घंटे तक बातचीत हुई। जांच एजेंसियां इस संवाद के पैटर्न और उसकी प्रासंगिकता का विश्लेषण कर रही हैं।
सिया के भाई और परिचितों से भी पूछताछ
जांच अधिकारियों ने बताया कि सिया गोयल के भाई को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इसके अलावा, दोनों आरोपियों के अन्य रिश्तेदारों और मित्रों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पृष्ठभूमि और संभावित सहयोगियों की भूमिका स्पष्ट हो सके।
बयान बदलने का आरोप
पुलिस का कहना है कि चेतन चौधरी ने शुरुआत में दावा किया था कि वह घटना स्थल पर मौजूद नहीं था, लेकिन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसका बयान संदिग्ध पाया गया। बाद में दोनों आरोपियों ने कथित रूप से घटना में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए घटनाक्रम की जानकारी दी।
खाई में धकेलने का दावा
पुलिस के अनुसार, जांच में यह बात सामने आई है कि कथित योजना के तहत सिया गोयल ने पूर्व निर्धारित संकेत दिया, जिसके बाद चेतन चौधरी ने पीछे से आकर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दे दिया। हालांकि, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।








