अजमेर। भारतीय शिक्षण मंडल, चित्तौड़ प्रांत की प्रांतीय बैठक सोमवार को राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय (बांदरसिंदरी) में विश्वविद्यालय इकाई (CURAJ Unit) के तत्वावधान में आयोजित की गई। बैठक में प्रांत एवं विश्वविद्यालय इकाई के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैठक का आयोजन भारतीय शिक्षण मंडल, चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष एवं राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. संजय पाठक, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता, प्रांत मंत्री डॉ. आर. के. मोटवानी तथा श्री जगदीश साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्येय वाक्य एवं संगठन मंत्र के सामूहिक वाचन के साथ हुआ। अपने संबोधन में डॉ. संजय पाठक ने भारतीय शिक्षण मंडल के पाँच प्रमुख स्तंभों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए पाठ्यक्रम, शिक्षा नीति और प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत प्रयास करने का आह्वान किया।
प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. अनिल गुप्ता ने संगठन के विस्तार, नई इकाइयों के गठन और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। वहीं प्रांत मंत्री डॉ. आर. के. मोटवानी ने कहा कि विश्वविद्यालय इकाइयों की गतिविधियां केवल परिसर तक सीमित न रहकर समाज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचनी चाहिए। श्री जगदीश साहू ने सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक शिक्षकों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को भारतीय शिक्षण मंडल से जोड़ने का आह्वान किया।
बैठक में संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
इस अवसर पर प्रो. राघवेंद्र भट्ट, डॉ. ज्ञान रंजन पांडा, डॉ. प्रमोद कांबले, डॉ. शैलेश पाटीदार, डॉ. अखिल अग्रवाल, डॉ. ओम कुमार कर्ण, डॉ. अक्षांश भारद्वाज, श्री केशव कुमार शर्मा, सुश्री अंजलि रमोला सहित राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय इकाई के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।








