टीवी और फिल्मों में अपनी अलग पहचान बना चुकीं अभिनेत्री अंजलि आनंद ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने कई लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अंजलि ने बताया कि उन्हें करीब पांच साल पहले अक्षय कुमार की फिल्म में काम करने का मौका मिला था, लेकिन इसकी वजह उनकी एक्टिंग नहीं, बल्कि उनका बढ़ा हुआ वजन था। उन्होंने कहा कि यह बात सुनकर उन्हें खुशी भी हुई और कहीं न कहीं दुख भी, क्योंकि एक कलाकार के तौर पर वह चाहती थीं कि उनकी पहचान उनकी प्रतिभा से बने।
अंजलि ने खुलकर कहा कि मनोरंजन की दुनिया में आज भी कलाकारों को अक्सर उनके लुक, रंग और शरीर के आकार के आधार पर परखा जाता है। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें सिर्फ ‘प्लस साइज’ किरदारों के लिए ही चुना गया, जबकि वह हर तरह के रोल निभाने की क्षमता रखती हैं। उनके मुताबिक, एक कलाकार की असली पहचान उसकी अभिनय क्षमता होनी चाहिए, न कि उसका वजन या बाहरी रूप।
हालांकि अंजलि ने इस पूरे सफर को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने हर मौके को सीखने का जरिया बनाया और लगातार मेहनत करती रहीं। आज वह उन अभिनेत्रियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर दर्शकों का दिल जीता है। उनका मानना है कि अगर इंसान खुद पर भरोसा रखे, तो धीरे-धीरे लोग भी उसकी प्रतिभा को पहचानने लगते हैं।
अंजलि आनंद की यह कहानी सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों के लिए भी प्रेरणा है जो किसी न किसी वजह से बॉडी शेमिंग या बाहरी रूप को लेकर भेदभाव का सामना करते हैं। उनका संदेश साफ है कि किसी भी इंसान की काबिलियत का फैसला उसके शरीर से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास से होना चाहिए।


















