संवेदनशील क्षेत्रों में होमगार्ड और राजस्व कर्मियों की तैनाती, नाव यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य
बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। नदी किनारे स्थित संवेदनशील क्षेत्रों में होमगार्ड, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ चौकियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
रामसनेहीघाट के नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी ने बताया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है और संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। अब किसी भी नाव में सवार होने से पहले यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट (सेफ्टी जैकेट) पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि सरयू नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होती है तो राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने की पूरी तैयारी है।
नायब तहसीलदार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान पूरी सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।







