लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए स्मार्ट और तकनीक आधारित पार्किंग व्यवस्था लागू की गई है। एयरपोर्ट प्रवक्ता के मुताबिक, लखनऊ एयरपोर्ट पर रोजाना करीब 10 से 12 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। वाहनों की इस संख्या को व्यवस्थित रखने के लिए आधुनिक पार्किंग प्रबंधन प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एयरपोर्ट पर 100 फीसदी कैशलेस भुगतान के साथ फास्टैग आधारित प्रवेश और निकास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे वाहन चालकों को नकद भुगतान और लंबी कतारों से राहत मिल रही है। फास्टैग के जरिए प्रवेश और निकास प्रक्रिया तेज होने से टर्मिनल परिसर में वाहनों का आवागमन भी अधिक सुचारु बना हुआ है। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि तकनीक आधारित व्यवस्था से यात्रियों के समय की बचत हो रही है।
टर्मिनल-3 के आगमन क्षेत्र में वाहनों के लिए आठ प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जबकि प्रस्थान क्षेत्र में चार प्रवेश और छह साझा निकास द्वार उपलब्ध हैं। अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किए जाने से टर्मिनल के आसपास वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल रही है। वहीं, दोपहिया वाहनों, कार्गो संचालन, एयरपोर्ट स्टाफ और ऑटो रिक्शा के लिए पुराने टर्मिनल की ओर से चार प्रवेश और चार निकास द्वार संचालित किए जा रहे हैं।
वाहनों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग मार्ग निर्धारित होने से यातायात प्रबंधन को व्यवस्थित करने में मदद मिल रही है और टर्मिनल क्षेत्र में अनावश्यक जाम की स्थिति से बचाव हो रहा है। निजी वाहनों के अलावा टैक्सी और यात्रियों को छोड़ने या लेने आने वाले परिजनों के वाहनों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन तकनीक आधारित सुविधाओं के जरिए यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।





















