लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में प्लॉट बेचने के नाम पर 19.50 लाख रुपये लेने और बाद में रकम वापस न करने का मामला सामने आया है। फरीदीपुर निवासी राजेश कुमार पांडेय ने बंथरा के अमावा निवासी और वर्तमान में रामगढ़ कॉलोनी में रहने वाले अरविंद सिंह उर्फ सोनू सिंह समेत उसके सहयोगियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर एसीजेएम-8 न्यायालय के आदेश के बाद सरोजनीनगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजेश के मुताबिक, आरोपियों की ओर से सरोजनीनगर स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी के माध्यम से व्यावसायिक-आवासीय प्लॉट बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। आरोप है कि भरोसे में आकर उन्होंने अलग-अलग तारीखों में कुल 19.50 लाख रुपये दिए। इसमें पांच लाख रुपये नकद और 14.50 लाख रुपये चेक के जरिए भुगतान किए गए। पीड़ित का आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी प्लॉट का वैध हस्तांतरण नहीं किया गया और रकम भी वापस नहीं की गई।
शिकायत के मुताबिक, 29 जनवरी 2026 को अरविंद सिंह ने दो महीने के भीतर रकम लौटाने का कथित तौर पर समझौता किया और तीन चेक दिए। इनमें तीन लाख, ढाई लाख और तीन लाख रुपये के चेक शामिल थे। राजेश का आरोप है कि बैंक में प्रस्तुत करने पर 26 मई को ये चेक अलग-अलग कारणों से वापस हो गए। बाद में आरोपियों के सहयोगियों के माध्यम से उनके खाते में छह लाख और चार लाख रुपये जमा किए गए, लेकिन 9.50 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बकाया रकम मांगने पर फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने सात मई और तीन जून को सरोजनीनगर थाने में शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी गई। राजेश ने पुलिस पर भी आरोपियों के प्रभाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए थाने की 17 जून की दोपहर दो से चार बजे तक की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच में शामिल करने की मांग की है। फिलहाल न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।





















