यशोदा श्रीवास्तव
काठमांडू।
क्या नेपाल की नई नवेली बालेन सरकार भारत के मोदी सरकार की राह चल रहे हैं? कथित भ्रष्टाचार के आरोप में जिस तरह दनादन विपक्षी नेताओं और पूर्व सरकार के अफसरों पर कार्रवाई हो रही है उससे तो यही लगता है। लेकिन यदि उनकी यह कार्रवाई बदले की भावना तक सीमित रह गई तो निसंदेह उन्हें उसी जनता के कोप भाजन का शिकार होते देर नहीं लगेगी जिसने उन्हें सत्ता के सिंहासन तक पहुंचाया है इस बीच गृहमंत्रालय की जो रणनीति है उसे देखते हुए यह चर्चा तेज है कि पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी ही राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतिम कार्रवाई नहीं है। पुलिस सूत्रों के अनुसार कई पूर्व प्रधानमंत्रियों और राजनेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है। नेपाल के नई सरकार के सत्ता सीन होने के कुछ दिन ही हुए की भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग छिड़ गई है। लेकिन इसी के साथ सरकार के काम काज पर नजर डालें तो जनता से जुड़े मुद्दों को भी सुलझाने में सरकार का ध्यान है।
पांच पूर्व प्रधानमंत्रियों पर लटक रही है गिरफ्तारी की तलवार
केपी शर्मा ओली के बाद पांच अन्य पूर्व प्रधानमंत्रियों समेत 23 प्रमुख हस्तियों के खिलाफ गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है। इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (अवैध धन लेन-देन) के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देश पर सीआईबी ने जांच शुरू कर दी है। जांच के दायरे में ओली के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दाहाल (प्रचंड), माधव कुमार नेपाल, डॉ. बाबुराम भट्टराई और झलनाथ खनाल शामिल हैं।
इसके साथ ही अन्य प्रमुख राजनीतिक नेताओं, जिनमें मधेश के प्रमुख नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री उपेंद्र यादव और शरद सिंह भंडारी पर भी जांच की आंच पहुंच चुकी है। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, आय से अधिक निवेश और संपत्ति में अचानक वृद्धि के सबूत सामने आए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अदालत से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है और शुरुआती चरण में करीब 23 प्रभावशाली व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना है।
महिलाओं के लिए मुफ्त ‘ब्लू बस’ सेवा शुरू
बालेन सरकार ने महिलाओं के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल करते हुए देशभर में विशेष ‘ब्लू बस’ सेवा मुफ्त शुरू करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार, शासकीय सुधार के 100 सूत्री कार्यक्रम के तहत पहले चरण में आगामी 100 दिनों के भीतर कम से कम 25 ब्लू बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। ये बसें महिलाओं को सुरक्षित, आरामदायक और सुगम यात्रा की सुविधा प्रदान करेंगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं को होने वाली परेशानियों को कम करना और उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक तथा सहज यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराना है।
लाइसेंस और पासपोर्ट अब सीधे घर तक पहुंचेंगे
नेपाल सरकार ने आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया है, जिसके तहत अब लाइसेंस, पासपोर्ट और नागरिकता जैसे अहम सरकारी दस्तावेज नागरिकों के घर तक पहुंचाए जाएंगे। सरकारी सुधार के 100 सूत्री एजेंडा के तहत बिंदु संख्या 27 में इस महत्वाकांक्षी योजना को शामिल किया गया है। इसके अनुसार डाक (हुलाक) प्रणाली को आधुनिक बनाकर इसे “गवर्नमेंट कूरियर सेवा” का रूप दिया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकारी दस्तावेज सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से नागरिकों के घर तक पहुंचाए जाएंगे।
टोकन सिस्टम समाप्त, अब एक ही दिन में श्रम स्वीकृति का ऐलान
नेपाल सरकार ने विदेशी रोजगार के लिए श्रम स्वीकृति में लागू टोकन प्रणाली को समाप्त करते हुए अब आवेदन देने के उसी दिन अनुमति जारी करने का निर्णय लिया है। श्रम मंत्रालय के अनुसार इस कदम से सेवा प्रवाह तेज और अधिक पारदर्शी होगा।
सरकार ने निर्णय लिया है कि विदेश जाने वाले श्रमिकों के लिए पूर्व-प्रस्थान अभिमुखीकरण प्रशिक्षण को पूरी तरह डिजिटल और ऑनलाइन प्रणाली में रूपांतरित किया जाएगा। साथ ही सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कोष से जोड़ने के लिए अभियान चलाने और न्यूनतम वेतन के पूर्ण कार्यान्वयन पर जोर दिया गया।
श्रम मंत्रालय ने विदेश में काम करने वाले नेपाली श्रमिकों की सुरक्षा, बेहतर कार्य वातावरण और ठगी के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने का भी संकल्प व्यक्त किया है। इस पहल को सामाजिक व श्रमिक हित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है।




