सुल्तानपुर में करीब 25 वर्ष पुराने सरकारी धन के गबन के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सैनेटरी मार्ट योजना के तहत सरकारी धन के कथित गबन के आरोप में जेल भेजे गए विनोद कुमार और सीमा की नियमित जमानत अर्जी अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी।
25 साल पुराने मामले में हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) चतुर्थ श्याम मोहन जायसवाल की अदालत में हुई। शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर शुक्ला ने अदालत में सरकार का पक्ष रखा।
बहस पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।
क्या है मामला?
मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के सिरवारा रोड स्थित सैनेटरी मार्ट योजना से जुड़ा है। आरोप है कि योजना के तहत 48,257 रुपये की सरकारी धनराशि का गबन किया गया था।
जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 नवंबर 2001 को इस मामले में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। प्राथमिकी में तत्कालीन मैनेजर वीरेंद्र मिश्र, संस्था के अध्यक्ष राकेश कुमार, तथा विनोद कुमार, सीमा और पूनम को आरोपी बनाया गया था।
सरेंडर के बाद भेजे गए थे जेल
करीब पांच दिन पहले आरोपी विनोद कुमार और सीमा ने मजिस्ट्रेट अदालत में आत्मसमर्पण किया था। उस समय उनकी अंतरिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। इसके बाद नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख तय की गई थी।
सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों की नियमित जमानत याचिका भी निरस्त कर दी।







