काठमांडू।(यशोदा श्रीवास्तव) बालेन सरकार के निशाने पर नेपाल का एक ऐसा प्रभाव शाली शख्स आ गया है जिस पर अरबों रुपए के अवैध लेने देन का आरोप है ही, पूर्व की सरकारों में उसके इतने गहरे तक पैठ थी कि वह सरकार बनाने बिगाड़ने तक की कूबत रखता था। बताते हैं डाक्टर बाबू राम भट्टराई के प्रधानमंत्री रहते हुए उसने पूर्व नेपाली कांग्रेस के एक नेता के जरिए उनके घर तक पहुंच बना ली थी। उसके बाद के सभी प्रधानमंत्रियों तक उसकी सीधी पंहुच थी। हथियार की दलाली में हाथ सने यह शख्स सरकार के बड़े से बड़े फैसलों तक में दखल रखता था।
पूर्व की सरकारों में अंदर तक दखल रखने वाले हथियार दलाल दीपक भट्ट नाम के इस शख्स के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। नेपाल सरकार ने फिलहाल उसके विदेश जाने पर रोक लगा दी है। बालेन सरकार के भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध छेड़े गए अभियान से भयभीत दीपक भट्ट के थायलैंड, यूएसए, दुबई अथवा किसी अन्य देश में फरार होने की आशंका थी।
अर्थ मंत्रालय में भट्ट के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर उच्च स्तरीय परामर्श जारी है। अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले और संपत्ति शुद्धिकरण अनुसन्धान विभाग के महानिदेशक गजेन्द्र ठाकुर के बीच हुई बैठक के बाद यह संकेत मिले हैं कि उसके खिलाफ किसी भी वक्त कड़ी कानूनी कार्रवाई संभव है।
जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 12 वर्ष पूर्व पुलिस मुख्यालय में हथियार खरीद से जुड़े एक कथित सौदे के दौरान दीपक भट्ट की संलिप्तता रही है जिसमें करोड़ों के हेरफेर चर्चा है । उस समय उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जब नई सरकार ने भ्रष्टाचारियों की कुंडली खंगालना शुरू किया तो उसमें एक से एक नाम सामने आ रहे हैं, उसमें एक दीपक भट्ट भी है। समझा जाता है कि पिछले कुछ सालों से नेपाल की राजनीति में कुछ बड़े उद्योगपति दाखिल होकर सत्ता की मलाई के साथ आर्थिक साम्राज्य भी खड़ा कर लिए। बालेन सरकार इन सबके खिलाफ जांच की कार्रवाई तेज कर दी है।
सत्ता के भीतर तक पैठ बना कर आर्थिक साम्राज्य खड़ा करने वालों की खैर नहीं-हथियार की दलाली करने वाले दीपक भट्ट पर कानून का शिकंजा





