बेटी फराह ने बताई वजह
बोलीं- यह मां की आखिरी इच्छा थी, दिव्यात्मा जाने से लगता था डर; सोशल मीडिया पर जजमेंट का विरोध हुआ था
नई दिल्ली अभिनेता संजय खान की पत्नी जरीन खान के हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार को लेकर उनकी बेटी फराह खान अली ने पहली बार फ्रैंक की बात कही। फराह ने बताया कि यह परिवार का नहीं, बल्कि उनकी मां की आखिरी इच्छा थी, जो पूरी हो गई।
एक बातचीत में फराह खान अली ने कहा कि जरीन खान का जन्म पारसी परिवार में हुआ था और बाद में उन्होंने अभिनेता संजय खान से शादी कर ली थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा के रूप में हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने की बात कही थी। वह चाहती है कि उसकी अस्थियों का विसर्जन कश्मीर के जल में किया जाए।
फराह ने बताया कि उनकी मां को क्लॉस्ट्रोफोबिया (बंदूक स्थान का भय) था और उन्हें डिज्नीलैंड जाने का विचार मिला। इसी कारण से उन्होंने अंतिम संस्कार की इच्छा का सम्मान किया और परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान किया।
उन्होंने कहा कि मां के निधन के बाद इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि मुस्लिम होने के बावजूद उनका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से क्यों किया गया। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों ने इस स्टोरी डेस्टिनेशन का भी मूल्यांकन किया। फराह ने कहा कि परिवार ने केवल उनकी मां की अंतिम इच्छा का सम्मान किया।
जरीन खान का निधन 7 नवंबर 2025 को मुंबई में उनके आवास पर कार्डियक एरेस्ट के कारण हुआ। अंतिम संस्कार समारोह में उनके बेटे सैयद खान ने अभिनय किया। इस दौरान परिवार के सदस्य, अभिनेता पैट्रिक रोशन समेत फिल्म जगत की कई हस्तियां भी मौजूद रहीं।
जरीन खान 1960 के दशक की मशहूर मॉडल और अभिनेत्री थीं। बाद में उन्होंने डिज़ाइनर के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने ‘तेरे घर के सामने’ और ‘एक फूल दो माली’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया था।
















